कोरोना की पहली दवा के रूप में Remdesivir को यूरोप में मिली मंजूरी, महाराष्ट्र सरकार भारी मात्रा में खरीदेगी

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने कहा, “रेमडेसिवीर यूरोपीय संघ में कोविड-19 के इलाज के लिए मान्यता पाने वाली पहली दवा है.”

लंदन: यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए पहली दवा के रूप में रेमडेसिवीर को मान्यता दे दी है. टेस्टिंग के दौरान अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को जल्द स्वस्थ्य होने में इस दवा से मदद मिली थी. मेडिसिन एजेंसी का कहना है कि वो रेमडेसिवीर को शर्तों के साथ मार्केटिंग की अनुमति दे रही है. इस दवा का इस्तेमाल 12 साल से ज्यादा उम्र वाले ऐसे मरीजों पर किया जाएगा, जिन्हें न्यूमोनिया है और ऑक्सीजन की जरूरत है.

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने कहा, “रेमडेसिवीर यूरोपीय संघ में कोविड-19 के इलाज के लिए मान्यता पाने वाली पहली दवा है.” पिछले महीने अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इस दवा को कोरोना मरीज को आपात स्थिति में देने की अनुमति दी थी.

महाराष्ट्र सरकार भारी मात्रा में रेमडेसिवीर, फेविपिराविर खरीदेगी
भारत में रेमडेसिवीर दवा बनाने और बेचने की अनुमति मिलने के बाद हेटरो हेल्थकेयर ने उत्पादन शुरू कर दिया है. वहीं इसकी पहली खेप तैयार कर ली गई है और इसे पांच राज्यों में भेज दिया गया है. हेटरो ने Covifor की 20 हजार वायल तैयार करके पांच राज्यों को भेज दी हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि वह वायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां रेमडेसिवीर और फेविपिरावीर भारी मात्रा में खरीदेगी. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को बताया कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए ये दवाइयां खरीदी जाएंगी. उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों का इलाज करने के लिए हमें रेमडेसिवीर, फेविपिरावीर और अन्य जरुरी दवाएं भारी मात्रा में खरीदनी पड़ेंगी. ये दवाइयां महंगी हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें खरीदने का फैसला किया है.

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