यूपी में कोरोना संक्रमण का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम यूपी के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में कोरोना के चेन को तोड़ने के लिये महाअभियान की शुरुआत की है .

मेरठ (रिपोर्टर बलराम पांडेय का इनपुट). आज मेरठ मंडल से योगी के महाअभियान की हुई शुरुआत हुई. स्वास्थ्य परीक्षण के लिये 1400 टीमें मेरठ में लगाई गई हैं, जो डोर टू डोर जाकर परीक्षण कर रही हैं. यही नहीं अधिकारी भी पेट्रोलिंग कर टीमों के कार्य की समीक्षा कर रहे हैं. लापरवाही मिलने पर टीमों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी. ये अभियान 2 जुलाई से 12 जुलाई तक चलेगा. वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में ये अभियान 5 जुलाई से चलाया जायेगा.

मेरठ के गांधी नगर गली नंबर एक में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और जिन घरों का स्वास्थ्य परीक्षण पूरा हो रहा है. वहां पर चॉक से नंबर डाला जा रहा है और एक स्टीकर लगाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस घर का स्वास्थ्य परीक्षण हो चुका है. जिन घर में यह स्टिकर नहीं लगा है वहां पर यह माना जाएगा कि अभी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है.

टीम की हो रही है मॉनिटरिंग

हालांकि जो 1400 टीमें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाई गई हैं, वह ठीक से काम कर रही हैं या नहीं कर रही हैं, इसका जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व स्वयं मेरठ जिले में तैनात नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद मौके पर पहुंचे. उन्होंने टीमों से बात की साथ ही उन घरों के मुखिया से भी बात की जिनके घरों का स्वास्थ्य परीक्षण हो चुका था और उनसे जानने की कोशिश की कि आखिरकार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने किस तरह से उनके घर का स्वास्थ्य परीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो टीमें लगाई गई हैं वह सही से काम कर रही हैं या नहीं.

योगी सरकार का संकल्प है कि 23 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले प्रदेश के हर घर की कोरोना जांच होगी. और इस महाअभियान की शुरुआत क्रांतिकारी धरती मेरठ से की गई है. इस अभियान के तहत मेरठ में 1400 टीमें ‘डोर टू डोर’ जाकर कोविड 19 को लेकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं. साथ ही ये भी बता रही हैं कि इस महामारी से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें. इस अभियान के लिए जो टीमें लगाई गई हैं, वो 2 जुलाई से 12 जुलाई तक ड़ोर टू डोर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी के दफ्तर में जमा करेंगी.

प्रत्येक टीम में 2 सदस्य हैं और हर टीम को प्रतिदिन 50 घरों का चेकअप करना होगा, अगर कोई शख्स संदिग्ध पाया जाता है तो ये टीम उसे तत्काल क्वारन्टीन करेगी और उसका सैम्पल लेकर जांच के लिए भी भेजेगी. वहीं 700 टीमें शहरी इलाकों में लगाई गई हैं और 700 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई गई हैं. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 3000 सैम्पल का टेस्ट किया जायेगा ताकि इस कोरोना चेन को तोड़ा जा सके. वहीं 5 जुलाई से प्रदेश के 75 जिलों में भी ये अभियान चलाया जायेगा.

Jalandhar News

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