इस समय 89 गांव जलमग्न हैं और पूरे राज्य में 5,984 हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गयी है. अधिकारी धेमाजी जिले में एक राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं. यहां 73 लोगों ने शरण ले रखी है.

गुवाहाटीः असम में बाढ़ के हालात मंगलवार को थोड़े बिगड़ गये और राज्य के तीन जिलों में करीब 14,000 लोग अब भी बाढ़ से जूझ रहे हैं. एक सरकारी बुलेटिन में यह जानकारी दी गयी. इससे पहले राज्य के चार जिलों में 9,200 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे. असम में बीते जून के महीने से ही बाढ़ का कहर मचा हुआ है, जिसमें 100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

धेमाजी और बकसा में सबसे ज्यादा प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार धेमाजी, बकसा और मोरीगांव जिलों में बाढ़ के कारण 13,800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

सर्वाधिक बुरी तरह प्रभावित धेमाजी में 12,000 से अधिक लोग पीड़ित हैं जिसके बाद बकसा में 1,000 और मोरीगांव में 800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 136 लोगों की जान जा चुकी है जिनमें 110 लोग बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मारे गये और 26 लोगों की मौत भूस्खलन में हो गयी.

प्राधिकरण के अनुसार इस समय 89 गांव जलमग्न हैं और पूरे राज्य में 5,984 हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गयी है. उसने कहा कि अधिकारी धेमाजी जिले में एक राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं. यहां 73 लोगों ने शरण ले रखी है.

ब्रह्मपुत्र अभी भी खतरे के निशान से ऊपर

जोरहाट जिले के निमतीघाट में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं इसकी सहायक जिया भराली सोनितपुर के एनटी रोड क्रॉसिंग में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

बुलेटिन के मुताबिक बोंगईगांव, कोकराझार और बकसा जिलों में बाढ़ के कारण तटबंध, सड़कें, पुल और पुलिया आदि टूट गये हैं.ट

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