नई दिल्लीः-गणेश चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस त्योहार को लेकर तैयारियां जोरो शोरों से चल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार केवल प्राकृतिक, बायोडिग्रेडेबल, पर्यावरण के अनुकूल कच्चे माल से बनी मूर्तियों की अनुमति है। मूर्ति के आभूषणों के केवल सूखे पुष्प तत्व, पुआल आदि का उपयोग किया जा सकता है। मंडप निर्माण, सजावट आदि के लिए प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। कोरोना के कारण गणेश मूर्तियों को बनाने के लिए पीओपी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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