चंडीगढ़ :- कृषि ओडीनैंस ने जहां पूरे देश का पारा बढ़ाया हुआ है, वहीं देशभर के किसान सड़कों पर उतर आए हैं।लगभग एक साल की ‘चुप्पी’ के बाद आखिरकार राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए, पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर कृषि विधेयकों को लेकर जमकर निशाना साधा।उन्होंने ट्वीट कर कहा, खेती पंजाब की आत्मा है। शरीर पर घाव ठीक हो सकते हैं, लेकिन आत्मा के घाव बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान हर पंजाबी का गौरव और पहचान हैं।  दिलचस्प बात यह है कि अपनी ही कांग्रेस सरकार से नाराज चल रहे सिद्धू ने आखिरी बार 25 सितंबर, 2019 को ट्विटर का इस्तेमाल यह घोषणा करने के लिए किया था कि उन्होंने अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से बतौर कैबिनेट मंत्री इस्तीफा देने के बाद अपने आधिकारिक बंगले को खाली कर दिया है।पंजाब से ताल्लुक रखने वाली हरसिमरत कौर बादल ने कृषि बाजारों को उदार बनाने के लिए लाए गए एक नए कानून के विरोध में गुरुवार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने पर गर्व है। सिद्धू ने किसानों से सरकार के खिलाफ संघर्ष की तैयारी करने को कहा, जिसने उनके अधिकार छीन लिए।

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