सूत्रों ने बताया कि चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) ने कोर कमांडर स्तर की वार्ता का अगला दौर आयोजित करने के संबंध में भारतीय सेना को अभी कोई जवाब नहीं दिया हैं. दोनों पक्षों के बीच कोर कमांडर स्तर की अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है.

सरकार ने पूर्वी लद्दाख में भारत द्वारा जारी अभियान के तैयारियों सहित क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति की शुक्रवार को व्यापक समीक्षा की. सरकारी अधिकारियों ने बताया कि चीनी सेना के लगातार आक्रामक रुख अपनाये रखने और क्षेत्र में भारतीय सैनिकों को फिर से डराने की कोशिश किये जाने के मद्देनजर यह बैठक की गई.

सूत्रों ने बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट चली बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सेक्टरों समेत करीब 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास सतर्कता और बढ़ाए जाने पर भी विचार किया.

उन्होंने बताया कि थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बैठक में पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारे पर भारतीय एवं चीनी बलों के फिर से आमने-सामने होने के संबंध में जानकारी दी और इस प्रकार की कोशिशों से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया. एक सूत्र ने कहा, ‘‘चाइना स्टडी ग्रुप की बैठक में हालात के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई.’’

उन्होंने बताया कि बैठक में पूर्वी लद्दाख और अत्यधिक ऊंचाई वाले अन्य संवेदनशील सेक्टरों में सर्दियों में भी सभी अग्रिम इलाकों में बलों और हथियारों का मौजूदा स्तर बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंधों पर भी विचार-विमर्श किया गया. इन इलाकों में सर्दियों में तापमान शून्य से भी 25 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता हैं.

कोर कमांडर स्तर की वार्ता का जल्द

सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस बात पर भी थोड़ी चर्चा की गई कि कोर कमांडर स्तर की अगली वार्ता में भारतीय पक्ष को किन मुख्य बिंदुओं को उठाना है. इस वार्ता में 10 सितंबर को मास्को में भारत एवं चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हुए समझौते के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है.

एक सूत्र ने कहा, ‘‘हम टकराव के सभी बिंदुओं से चीनी बलों को शीघ्र एवं पूरी तरह पीछे हटाने पर जोर देंगे. यह सीमा पर शांति स्थापित रखने की दिशा में पहला कदम है.’’ सूत्रों ने बताया कि चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) ने कोर कमांडर स्तर की वार्ता का अगला दौर आयोजित करने के संबंध में भारतीय सेना को अभी कोई जवाब नहीं दिया हैं. एक सूत्र ने कहा, ‘‘चीनी सेना ने अभी जवाब नहीं दिया है, इसलिए अभी कोई तिथि तय नहीं की गई है. वार्ता अगले सप्ताह किसी दिन हो सकती है.’’

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