जालंधरः– नागरिक केंद्रित सेवाओं में सुधार श्रेणी में दिए जाने वाले प्रधानमंत्री अवार्ड की प्रक्रिया के दौरान शुक्रवार को जालंधर के डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने भारत सरकार की सशक्त समिति को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जिले में नागरिक सेवाओं से संबंधित पेंडेंसी को कुछ ही समय में कम करने और और इस मामले में जालंधर को नंबर वन पोजीशन पर लाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। यह वर्चुअल मीटिंग पूरे देश में जनतक सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले जिलों का चयन करने वाली सशक्त समिति को दी जाने वाली प्रैज़ेनटेशन का हिस्सा था। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के नेतृत्व वाली समिति, जिसमें नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और प्रधानमंत्री के सलाहकार अमरजीत सिन्हा शामिल थे, ने डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी से पूछा कि कैसे प्रशासन ने सेवा केन्द्रों की पेंडेंसी को पंजाब में सबसे कम करके दिखाया। डिप्टी कमिशनर ने समिति को बताया कि यह टीम वर्क है, जिसकी बदलौत यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सका। उन्होंने बताया कि सेवा केन्द्रों में चल रहे कामकाज की निरंतर निगरानी की गई, जिसने सेवा केन्द्रों में पेंडेंसी को कम करके जालंधर को पंजाब का अग्रणी ज़िला बनाने में योगदान डाला। उन्होंने कहा कि आधिकारियों ने सेवा केन्द्रों का रोजाना निरीक्षण किया और लोगों की अर्ज़ियों का समयबद्ध ढंग के साथ निपटारा यकीनी बनाने के लिए उन्होंने निजी तौर पर टीम का नेतृत्व किया, जिसके चलते हम पेंडेंसी कम कर पाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से सेवा केंद्रों के कामकाज से संबंधित नागरिकों का फीडबैक लेने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। डिप्टी कमिशनर ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से सेवा केंद्र लोगों को एक छत नीचे 200 से ज्यादा नागरिक सेवाएं देने के लिए खोले गए हैं और इन सेवाओं को प्रदान करने में किसी किस्म की भी लापरवाही के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिला जालंधर जुलाई महीने से सरकार की तरफ से निर्धारित समयसीमा अनुसार जनतक सेवाएं प्रदान करने में पंजाब में अग्रणी है और यहां पेंडेंसी दर राज्य भर में सबसे कम है।

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