बठिंडा:- पंजाब बठिडा सिविल अस्पताल में एक महिला और 7 साल की कैंसर पीड़ित बच्ची को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में आज उस समय नया मोड़ आ गया जब ब्लड बैंक के कर्मचारी बलदेव सिंह रोमाणा ने जांच टीम को बताया कि रक्त की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने काफी समय पहले अस्पताल के आला अधिकारियों को जानकारी दे दी थी। लेकिन उन्होंने समय रहते इस सम्बंध में कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि अस्पताल के सिविल सर्जन अमरीक सिंह संधू का कहना है कि मामले में जांच चल रही है और इसमें कोई भी अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। डा. संधू और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. मनिंदरपाल सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट स्वास्थय सचिव भेजकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही फरीदकोट मेडीकल कालेज के ब्लड विभाग के आधिकारियों ने गत बुधवार को पूरे मामले की करीब 8 घंटे तक जांच की और सभी रिकार्ड जांचने करने के साथ आरोपी लोगों के बयान भी कलमबंद किये। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सम्बंधित कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही दिखाई है जिसके कारण दो लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। अब स्वास्थय सचिव की ओर से आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतज़ार है। 

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