आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा और 75 सीटें अपने नाम की. इस तरह से आरजेडी का स्‍ट्राइक रेट 52.08 रहा.

बीजेपी ने इस बार 110 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसने 74 सीटों पर जीत दर्ज की. इसलिए बीजेपी का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 67.27 रहा.

Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस महागठबंधन की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है. 70 विधानसभा सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस सिर्फ 19 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई. हालांकि, पार्टी का कहना है कि कांग्रेस के हिस्से में बहुत ही मुश्किल सीटें आई थीं और ‘बीजेपी और ओवैसी के गठबंधन’ से भी उसको नुकसान हुआ है.

कांग्रेस का स्‍ट्राइक रेट बेहद खराब

कांग्रेस के सहयोगी आरजेडी और वाम दलों से उसके प्रदर्शन की तुलना करें तो कुल उम्मीदवारों के मुकाबले सीटें जीतने की दर के मामले में पार्टी अपने सहयोगियों से काफी पीछे रह गई है. कांग्रेस ने 70 सीटों में से कुल 19 सीटें जीते. इस तरह परफॉर्मेंस में कांग्रेस का स्‍ट्राइक रेट 27.14 यानी बेहद खराब रहा.

जबकि आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा और 75 सीटें अपने नाम की. इस तरह से आरजेडी का स्‍ट्राइक रेट 52.08 रहा. वहीं वाम दल अपने खाते की कुल 29 सीटों में से 16 पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे. वाम दल का स्ट्राइक रेट 55.17 रहा.

एनडीए में बीजेपी ने किया टॉप

एनडीए में शामिल बीजेपी ने इस बार 110 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसने 74 सीटों पर जीत दर्ज की. इसलिए बीजेपी का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 67.27 रहा. वहीं जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 43 सीटें जीती हैं. ऐसे में उसका स्ट्राइक रेट 37.39 रहा.

कांग्रेस को साल 2015 में मिली थीं 27 सीटें

कांग्रेस ने साल 2015 का विधानसभा चुनाव आरजेडी और जेडीयू के गठबंधन में लड़ा था और उसे 27 सीटें हासिल हुई थीं. इससे पहले कांग्रेस ने 2010 का चुनाव अकेले लड़ा था और उसे निराशा हाथ लगी थी. तब उसको सिर्फ 2.9 फीसदी वोट और चार सीटें मिली थीं.

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