नई दिल्ली:– दुनिया के सबसे बड़े और खूबसूरत जहाजों में एक टाइटैनिक को शायद ही कोई ना जानता हो और खूबसूरती से लोगों में एक अलग छाप छोड़ने वाले इस जहाज का सफर इतना लंबा नहीं रहा जिनका लोगों ने अनुमान लगाया था, 14-15 अप्रैल, 1912 की रात को ब्रिटिश जहाज टाइटैनिक बर्फ के पहाड़ से टकराकर उत्तरी अटलांटिक सागर में डूब गया, जिसके मलबे को 1985 में ढूंढा गया था।अब उन टाइटैनिक प्रेमियों के लिए अच्छी खबर हैं जो टाइटैनिक के मलबे को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं। अब देख सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको करीब 93 लाख रुपए खर्च करने होंगे। यह समुद्र की सतह से लगभग 12,467 फीट नीचे की यात्रा होगी। पानी के नीचे की दुनिया की खोज करने वाली एक कंपनी ने टाईटैनिक सर्वे एक्सपीडिशन 2021 प्रोजेक्ट की घोषणा की है। इस दौरान लोगों को टाइटैनिक के मलबे की सैर कराई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ओशनगेट एक्सपीडिशन का प्रोजेक्ट पानी के नीचे टाइटैनिक के मलबे की खोज और रिसर्च के लिए ‘नागरिक विशेषज्ञों’ को ‘मिशन विशेषज्ञ’ के रूप में प्रशिक्षित करेगा। पहले शेड्यूल का उद्घाटन जुलाई के मध्य से मई के अंत तक होगा और इसके लिए छह मिशन निर्धारित हैं। प्रत्येक मिशन 10 दिनों तक चलेगा और इसमें 5 पनडुब्बी गोताखोर शामिल होंगे, जो नागरिक वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को मलबे की साइट पर ले जाएंगे। प्रत्येक मिशन पर जाने के लिए 9 योग्य वैज्ञानिकों को मंजूरी दी जाएगी। 5 व्यक्तियों पर केवल तीन “मिशन विशेषज्ञ” की अनुमति दी जाएगी।

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