जालंधरः- सलाहकार स्वास्थ्य, मैडीकल शिक्षा और खोज डा. के. के. तलवार ने शुक्रवार को कहा कि यदि आने वाले दिनों में राज्य में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आती है तो उसे निपटने के लिए पंजाब पूरी तरह तैयार है।शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल और 51 प्राईवेट अस्पतालों, जोकि जालंधर में कोविड मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं, के डाक्टरों के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए सलाहकार डा. के.के. तलवार ने कहा कि पंजाब ने आठ महीनों की मियाद के दौरान वायरस की पहली लहर से बहुत कुछ सीखा है और अगर अब दूसरी लहर आती है, तो हम वायरस का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे क्योंकि अब हमारे पास स्वास्थ्य सम्बन्धित मज़बूत बुनियादी ढांचे, मानवीय संसाधन, बेहतर आईसीयू सुविधाएं, वेंटिलेटर, आक्सीजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। डा. तलवार ने कहा कि पंजाब सरकार कोरोना वायरस से कीमती जानें बचाने के लिए वचनबद्ध है और इस बार पंजाब में पहली लहर से मिले बेहतरीन मैडीकल अभ्यासों को सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों के डाक्टरों के साथ सांझा करके स्तर -3 के मरीज़ों के लिए समर्पित आईसीयू सुविधाओं को विश्वसनीय बनाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। प्राईवेट अस्पतालों के डाक्टरों को गोल्डन पीरियड (एक सप्ताह) के दौरान स्तर-2 के मरीज़ों के उचित इलाज को विश्वसनीय बनाने के लिए कहा जिससे वह स्तर-3 में तबदील ना हों और पहले पड़ाव पर ठीक हो सकें।सलाहकार ने यह भी कहा कि सेहत संस्थाओं में आने वाले हर मरीज़ का सही इलाज विश्वसनीय बनाया जाए और यदि उनको किसी तरह की सहायता की ज़रूरत हो तो वह बिना झिझक उनसे या प्रशासन के साथ संपर्क कर सकते हैं।प्राईवेट अस्पतालों को लोगों में मास्क बाँटने की मुहिम शुरू करने और उनको वर्तमान समय में मास्क पहनने के महत्व के बारे जागरूक करने की अपील की क्योंकि कोरोना वायरस से निपटने के लिए मास्क एक वैक्सीन की तरह है।जापान, हांगकांग जैसे देशों में कोविड के बहुत कम मामले सामने आए क्योंकि लोगों ने चेहरे पर मास्क पहनने की जरूरत को अपनाया। डा. तलवार ने लोगों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में एसएमएस के सिद्धांत का पालन करने के लिए कहा ताकि पंजाब में कोविड को कंट्रोल किया जा सके।उन्होंने आगे कहा कि लोगों को ज़ुकाम जैसे लक्ष्ण होने पर तुरंत आरटीपीसीआर टैस्ट करवाना चाहिए जिससे जल्दी इलाज शुरू किया जा सके और मृत्यु दर को घटाया जा सके।इस अवसर पर पंजाब हैल्थ सिस्टमज़ कारपोरेशन की मैनेजिंग डायरैक्टर तनु कश्यप ने कहा कि स्वास्थय विभाग द्वारा पहले ही बड़े स्तर पर एमबीबीएस डाक्टरों, माहिरों, नरसिंग स्टाफ, लैब टैकनीशियंस और अन्यों की भर्ती मुहिम चलाई जा रही है जोकि राज्य में महामारी से निपटने के लिए सहायक सिद्ध होगी। स्थानीय सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सम्बन्धित बुनियादी ढांचा पहले ही सुधारा जा चुका है और जल्दी ही वहां आक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम भी शुरू हो जायेगा।मीटिंग में कुछ डाक्टरों की शिकायतों कि अयोग्य पेशेवर कोरोना मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं जिससे कोविड मरीज़ों के इलाज में देरी हो रही हैं और मृत्यु दर बढ़ रही हैं, बारे डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कोविड मरीज़ का इलाज करने वाले किसी भी अयोग्य पेशेवर विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी और सख़्त कार्यवाही की जायेगी।इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल, एसडीएम राहुल सिंधु, डा. जय इन्द्र सिंह, डीएमसी डा. बिशव मोहन, पीजीआईएमईआर एमडी ऐनेसथीसिया और एसोसिएट प्रोफ़ैसर डा. कमल काजल, सिविल सर्जन डा. गुरिन्दर कौर चावला, मैडीकल सुपिरिटेंडेंट डॉ. मनदीप कौर मांगट, एसएमओ डॉ. कश्मीरी लाल, डा. परमजीत सिंह और अन्य मौजूद थे।

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