नई दिल्ली:- कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात के 71वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, आज मैं आप सबके साथ एक खुशखबरी शेयर करना चाहता हूं। हर भारतीय को यह जानकर गर्व होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक बहुत पुरानी प्रतिमा कनाडा से वापस भारत आ रही है। माता अन्नपूर्णा का काशी से बहुत ही विशेष संबंध है। अब उनकी प्रतिमा का वापस आना हम सभी के लिए सुखद है। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का शिकार होती रही हैं।पीएम मोदी ने कहा कि माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी के साथ एक संयोग यह भी जुड़ा है कि कुछ दिन पूर्व ही वर्ल्ड हेरिटेज हेरिटेज वीक मनाया गया है। वर्ल्ड हेरिटेज हेरिटेज वीक संस्कृति प्रेमियों के लिए, पुराने समय में वापस जाने, उनके इतिहास के अहम पड़ावों को पता लगाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।किसानों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि काफी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरुप दिया। इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बन्धन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नए अधिकार भी मिले हैं और नए अवसर भी मिले हैं। इन अधिकारों ने बहुत ही कम समय में किसानों की परेशानियों को कम करना शुरू कर दिया है।पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि कैसे महाराष्ट्र के धुले जिले के किसान जितेन्द्र भोइजी को नए कृषि कानूनों से फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि कानून में एक और बहुत बड़ी बात है। इस क़ानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एसडीएम को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा। अब जब ऐसे कानून की ताकत हमारे किसान भाई के पास थी, तो उनकी समस्या का समाधान तो होना ही था। उन्होंने शिकायत की और चंद ही दिन में उनका बकाया चुका दिया गया।प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, कल 30 नवंबर को, हम, श्री गुरु नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व मनाएंगे।  पूरी दुनिया में गुरु नानक देव जी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। गुरुग्रन्थ साहिब में कहा गया है – “सेवक को सेवा बन आई”, यानी, सेवक का काम, सेवा करना है। बीते कुछ वर्षों में कई अहम पड़ाव आये और एक सेवक के तौर पर हमें बहुत कुछ करने का अवसर मिला। गुरु साहिब ने हमसे सेवा ली।” 

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