दिल्ली:- कोरोना काल में जहां लोगों में डर का माहौल है वहीं कोविड-19 वैक्सीन अभी अंतिम चरण में हैं। भारत में भी ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वैक्सीन को अगले कुछ हफ्तों में इस्तेमाल की इमरजेंसी इजाजत दी जा सकती है।डब्लूएचओ के महानिदेशक डॉक्‍टर टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने राहत भरी खबर दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के सफल परीक्षणों को देखते हुए अब हम इस महामारी के जल्द खत्म होने के सपने देखना शुरू कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि महामारी ने मानवता का ‘महान और सबसे खराब’ रूप भी दिखाया है। वह महामारी के दौर में एक-दूसरे के प्रति दिखाई गई करुणा, आत्म बलिदान, एकजुटता और विज्ञान और नवाचार में उन्नति का हवाला देने के साथ ही दिल को दुखा देने वाले स्वहित, आरोप-प्रत्यारोप और बंटवारे का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने अपने ऑनलाइन संबोधन में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि टीका उन संकटों को दूर नहीं करता है कि जो जड़ में बैठे हैं-जैसे कि भूख, गरीबी, गैर बराबरी और जलवायु परिवर्तन। घेब्रेयेसस ने कहा कि टीके की तत्काल बड़े पैमाने पर खरीद और वितरण के जमीनी कार्य के लिए 4.3 अरब डॉलर की जरूरत है, इसके बाद 2021 के लिए 23.9 अरब की जरूरत होगी और यह रकम विश्व के सबसे धनी 20 देशों के समूह की ओर से घोषित पैकेजों में 11 ट्रिलियन के एक फीसदी का आधा है। 

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