दुनिया साल 2020 को अलविदा करने वाली है और 2021 में कदम रखने वाली है. हालांकि इस बार नए साल का जश्न फीका रह सकता है. देश में कई ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना वायरस का कहर अन्य जगहों से ज्यादा है.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है. वहीं कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम के लिए कई तरह की पाबंदियां भी लागू की गई है. कई राज्यों में ज्यादा कोरोना केस सामने आने के बाद नाइट कर्फ्यू भी लागू किया जा चुका है. वहीं इस बार नए साल का जश्न भी फीका पड़ सकता है. दरअसल, कई राज्यों ने नए साल के जश्न को लेकर कुछ पाबंदियां लगाई हैं.

2020 में पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खौफ में रही है. वहीं साल खत्म होते-होते कोरोना वायरस के नए किस्म के बारे में भी पता चला है. ऐसे में दुनिया फिर चौकन्ना हो गई है. वहीं कुछ ही दिनों मे दुनिया साल 2020 को अलविदा करने वाली है और 2021 में कदम रखने वाली है. हालांकि इस बार नए साल का जश्न फीका रह सकता है. देश में कई ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना वायरस का कहर अन्य जगहों से ज्यादा है. ऐसे में कोरोना वायरस का खतरा और ज्यादा न बढ़े, इसके लिए नए साल के मौके पर जश्न मनाने वाले लोगों की भीड़ को कम करने के लिए कई राज्यों ने कुछ पाबंदियां लागू कर दी हैं.

महाराष्ट्र-गोवा
महाराष्ट्र ने 22 दिसंबर से 5 जनवरी तक राज्य में सात घंटे के नाइट कर्फ्यू की घोषणा की है. नए साल का जश्न रात में 12 बजे शुरू होता है. ऐसे में इस साल महाराष्ट्र के साथ ही गोवा में भी कोई भी मिडनाइट पार्टी की इजाजत नहीं दी गई है.

तमिलनाडु
31 दिसंबर 2020 और 1 जनवरी 2021 को पूरे तमिलनाडु में रेस्तरां, क्लब, पब, रिसॉर्ट्स, बीच रिसॉर्ट्स के साथ ही समुद्र के पास सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. हालांकि तमिलनाडु में किसी प्रकार को कोई कर्फ्यू लागू नहीं है. रेस्तरां, पब, क्लब और रिसॉर्ट खुले रहेंगे और कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करेंगे.

कर्नाटक
कर्नाटक ने 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक क्लब, पब, रेस्तरां या इसी तरह के स्थानों में सोशल डिस्टेंसिंग के बिना बड़ी गेदरिंग पर रोक लगा दिया है. क्लब, पब और रेस्तरां किसी भी पार्टी का आयोजन नहीं कर सकते हैं. हालांकि कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपने रोजमर्रा का काम कर सकेंगे. वहीं कर्नाटक में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है.

राजस्थान
दिवाली के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों की तर्ज पर, राजस्थान सरकार ने नए साल के मौके पर होने वाले समारोह, सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी है. सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि लोगों को अपने घर में परिवार के साथ नए साल का जश्न मनाना चाहिए, भीड़भाड़ से बचना चाहिए और पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए. राजस्थान कोरोना के संबंध में सभी राज्यों के लिए सुप्रीम कोर्ट के जरिए जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करेगा.

इसके अलावा देहरादून में जिला प्रशासन ने कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए क्रिसमस, नए साल की पूर्व संध्या और नए साल पर होटल, बार, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पार्टियों जैसे सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

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