मुंबईः-महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्य की जेलों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से करीब 50 प्रतिशत कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का फैसला किया है। समिति ने हालांकि कैदियों की रिहाई के लिए जेल अधिकारियों के समक्ष कोई समय-सीमा नहीं रखी है। उच्चतम न्यायालय द्वारा मार्च में कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर की जेलों में भीड़ कम किए जाने की बात कहे जाने के बाद इस समिति का गठन किया गया था। समिति में मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.ए सैयद, राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय चहांडे और महाराष्ट्र के महानिदेशक कारागार एस.एन पांडेय शामिल थे। समिति ने प्रदेश भर की जेलों से 50 प्रतिशत कैदियों को अस्थायी जमानत या पैरोल पर छोड़ने का फैसला सोमवार को किया। समिति ने कहा इससे जेलों में भीड़ कम हो जाएगी और जेल के कुल 35,239 कैदियों में से करीब 50 प्रतिशत को छोड़े जाने की उम्मीद है।

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