जालंधर- आयुष्मान भारत –सरबत स्वास्थ्य बीमा योजना अधीन अधिक से अधिक लोगों को पाँच लाख रुपए तक कैशलैस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचाने के उदेश्य से डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने आज आधिकारियों को जिले भर में 25 मोबाइल कैंप लगाने के निर्देश दिए।एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इन 25 कैंपों में से 10 शहर के अलग -अलग स्थानों’ पर, 12 स्थाई कैंप मार्केट समिति कार्यालय में (किसानों के लिए), एक स्थाई कैंप टाईप -1 सेवा केंद्र में और दो अन्य सेवा केंद्र में लगाए जाएंगे।डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वह टाईप -1 सेवा केंद्र या अन्य सरकारी स्वास्थ्य संभाल संस्थानों, जिनमें सी.एच.सी., सब डिविज़नल अस्पताल और ज़िला अस्पताल शामिल हैं, में आने के समय अपना आधार कार्ड साथ लेकर आए, जिससे उनको रजिस्ट्रेशन और ई -कार्ड बनाने का लाभ मौके पर दिया जा सके। उन्होने कहा कि ई -कार्ड प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड या रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक कार्ड, पत्रकार आईडी (यैलो और एकरीडेशन कार्ड) और किसान आईडी जे फार्म आवश्य होना चाहिए। डिप्टी कमिश्नर ने सर्विस प्रोवाईडर कंपनी विडाल हैल्थ इंशोरैंस टीपीए के आधिकारियों को तुरंत निर्धारित स्थानों पर कैंप लगाने के निर्देश दिए।आयुष्मान भारत –सरबत स्वास्थ्य बीमा योजना को एक इंकलाबी योजना बताते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लोग सरकारी और सूचीबद्ध प्राईवेट अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक कैशलैस इलाज का लाभ ले सकते हैं।ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होनें कहा कि जिले में सभी 13 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और 56 प्राईवेट अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिसको sha.punjab.gov.in पर देखा जा सकता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों 1579 पैकेज दिए गए हैं, जिनमें से 180 पैकेज सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित रखे गए थे, जिनमें से 25 पैकेज प्राईवेट अस्पतालों में रैफर करने योग्य हैं।डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि एनएफएसए राशन कार्ड धारक, निर्माण श्रमिक, एसईसीसी लाभार्थियों , छोटे व्यापारी, पत्रकार और जे -फार्म धारक किसान इस योजना अधीन योग्य हैं और लाभार्थी अपनी योग्यता sha.punjab.gov.in पर चैक कर सकते हैं, जबकि समूह पी.एम.जे.ए. परिवार (नीले कार्ड धारक परिवार) सामाजिक -आर्थिक जाति जनगणना 2011 के अनुसार bis.pmjay.gov.in पर अपनी योग्यता चैक कर सकते हैं।थोरी ने कहा कि वैंडर कंपनी की तरफ से रजिस्ट्रेशन और ई -कार्ड जनरेट करने के लिए 30 रुपए नामात्र फीस ली जा रही है जबकि सीएचसी, ज़िला अस्पताल, और सब -डिविज़नल अस्पताल यह सेवाएं निशुल्क प्रदान कर रहे हैं। उन्होनें एस.डी.एमज़ और सिविल सर्जन को भी सीएससी के कामकाज पर नज़र रखने के लिए कहा।डिप्टी कमिश्नर ने एस.डी.एमज़ और स्वास्थ्य विभाग को सी.एस.सी., सरकारी और अधिकारित प्राईवेट अस्पतालों में सुचारू ढंग से रजिस्ट्रेशन के लिए नगर निगम के पर्शदों, बी.डी.पी.ओज़ और सी.एस.सीज़ के मुखियों के साथ बैठक करने के लिए कहा।इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होनें स्वास्थ्य आधिकारियों को इस योजना के अधीन आवेदकों के 100 फीसदी निपटारे को विश्वसनीय बनाने के लिए कहा। उन्होनें कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निपटारो के काम सम्बन्धित 15 अपरेटरों को तैनात किया है ताकि यूडीआईडी. कार्ड बनाने के काम में तेज़ी लाई जा सके।डिप्टी कमिश्नर ने शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम (यूईआईपी.) फेज -2 की प्रगति का जायज़ा भी लिया और शहरी निकाये के आधिकारियों को निर्धारित समय के अंदर ज़मीनी स्तर पर काम को यकीनी बनाने के निर्देश दिए। उन्होनें बताया कि ज़िला प्रशासन को 126 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 112 करोड़ रुपए के कामों के टैंडर जारी किये गए हैं।

Crime News

Jalandhar News

नशा मुद्दा- भार्गव कैंप में इस युवक ने किस किस को डाला परेशानी में देखें, Share Video

बस्ती दानिशमंदा श्मशान घाट में तोड़ा पुराना शिव मंदिर विरोध दल बल के साथ पहुंची पुलिस ( Share VIdeo )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *