नई दिल्ली : किसान यूनियनों ने शनिवार (6 फरवरी) को ‘चक्का जाम’ किए जाने की घोषणा की है। वे अपने आंदोलन स्थलों के निकट क्षेत्रों में इंटरनेट प्रतिबंध, अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न और अन्य मुद्दों के खिलाफ 3 घंटे तक राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को अवरुद्ध कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। किसानों के चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किसानों का कहना है कि सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए हम समय-समय पर चक्का जाम करते रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियनों द्वारा आहूत चक्का जाम के पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव के साथ गुरुवार को बैठक की। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भी बैठक में मौजूद थे। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वे तीनों कृषि कानून वापिस नहीं लेती है तो किसानों का आंदोलन अक्तूबर तक जाएगा। टिकैत ने कहा कि अब किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। टिकैत ने धमकी दी कि देशभर में 40 लाख ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

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