जालंधर(विनोद बिंटा)– महानगर में पाबंदी के बावजूद भी कई हुक्काबार खुलेआम चल रहे है। हुक्के में इस्तेमाल होने वाला फ्लेवर की भी बिक्री खुलेआम हो रही है। लेकिन प्रशासन इस तरफ सख्ती से ध्यान नही दे रहा है। युवा पीढ़ी हुक्का पीने की होड़ में युवा पीढ़ी का क्रेज़ इस और बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि युवा पीढ़ी को इस चीज़ का अंदाजा नही है कि हुक्का पीने के कारण उन्हें कई प्रकार की बिमारियां लग सकती है। शोक शोक में युवा पीढ़ी हुक्के के कश लगाकर धुंआ निकालते है। धीरे-धीरे उनकी यह आदत बिगड़ जाती है और वह नशा पीने की और अपना क्रेज़ दिखाते है। महानगर में कई पॉश इलाकों में हुक्काबार पाबंदी के बावजूद भी चलते हुए नजर आ रहे है. हालांकि पुलिस की और से कई बार खानापूर्ति करने को लेकर कार्रवाही की गई है। लेकिन फिर भी वह हुक्का बार चोरी छुपे अपना धंधा चला रहे है। वैस्ट हल्के में कई जगह खुलेआम तम्बाकू और हुक्के बेचे जा रहे है। जिन दुकानों पर तम्बाकू और हुक्का बेचा जाता है। उन दुकानों पर इनका फ्लेवर भी खुलेआम बेचा जा रहा है। हुक्के में इस्तेमाल होने वाला फ्लेवर युवा पीढ़ी के लिए हानिकारक है।वैस्ट हलके में धार्मिक स्थान के निकट तम्बाकू और हुक्के की दुकानें चल रही है। जिस संबंधी धार्मिक से जुड़े लोगों ने अवाज उठानी भी शुरु कर दी है। प्रशासन को चाहिए कि इन दुकानों को लेकर सख्त एक्शन कर कार्रवाही करनी चाहिए।

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