चंडीगढ़– कोविड वैक्सीन की सेफ्टी और इसके प्रभाव को लेकर कई तरह की बातें हैं। जब से वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू हुआ है, तब से कई ऐसे केस भी सामने आए हैं, जिसमें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद भी लोग संक्रमित हुए थे। पी.जी.आई. कम्युनिटी मैडीसन डिपार्टमैंट की प्रोफैसर और पी.जी.आई. में हुए कोविशील्ड वैक्सीन के ट्रायल की प्रिंसीपल इन्वैस्टीगेटर डॉ. मधु गुप्ता कहती हैं कि वैक्सीन आपको वायरस से 100 प्रतिशत सेफ्टी देती है, ऐसा नहीं है। हम इसके बारे में शुरू से कहते आए हैं कि वैक्सीन आपको पूरी तरह वायरस से इम्यून नहीं करती। कोविड वैक्सीन को कम वक्त में एक एमरजैंसी को देखते हुए अप्रूवल दिया गया है। इसकी एफैक्सी 70 प्रतिशत तक है तो ऐसे में हमारे पास 30 प्रतिशत तक चांस रहते हैं संक्रमित होने के। ऐसा नहीं है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद आप पूरी तरह इम्यून हैं लेकिन वैक्सीन लेने के बाद वायरस की गंभीरता कम हो जाती है। मरीज को ज्यादा खतरा नहीं रहता। वह आसानी से रिकवरी कर लेता है। ऐसी नौबत नहीं आती कि वैक्सीन लेने के बाद उस मरीज को एडमिट होने की जरूरत पड़े। 70 प्रतिशत तक सेफ्टी वैक्सीन देती है जबकि 30 प्रतिशत तक की सेफ्टी हमारे हाथ में है कि सभी कोविड नियमों का पालन करें।

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